Shiv chalisa in hindi free download. Sai Chalisa 2019-06-01

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Sai Chalisa

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The saints and sages are attracted by Your splendid appearance. Chant at the place where there is less distraction. It may take around half hour but you see that how everything automatically happens good. It is said that the worshiper of Shiva does not even fear death. If he does the text of Shiv Chalisa in a regular way. Invaluable time is used in a place where end is Kailasa, Lord Rudra, Mahadev.

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Shiva Chalisa

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By power of this prayer, one get lots of other benefits like: One become aware toward his life, his food; he will take care about it. Whosoever recites these verses with faith and devotion receives Your infinite blessings. श्री शिव चालीसा — Shri Shiv Chalisa Mp3 Download दोहा जय गणेश गिरिजासुवन, मंगल मूल सुजान कहत अयोध्यादास तुम, देउ अभय वरदान चौपाई जय गिरिजापति दीनदयाला,सदा करत सन्तन प्रतिपाला. Your renown is known throughout the world. A positive energy starts to flows and we experience divine power.

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Sai Chalisa

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Dhan Nirdhan Ko Deta Sadahin Jo Koi Janche So Phal Pahin Astuti Kehi Vidhi Karai Tumhari Kshamahu Nath Aba Chuka Hamari O Lord, You bless the downtrodden with prosperity and grant wisdom to the ignorant. Devotion of Mahadev is priceless, it is invaluable, incomparable. If any query mail us at anunegi5678 gmail. Pragate Udadhi Mantan Men Jvala Jarat Sura-Sur Bhaye Vihala Kinha Daya Tahan Kari Sahayee Nilakantha Tab Nam Kahayee Lord, when the ocean was churned and the deadly poison emerged, out of Your deep compassion for all, You drank the poison and saved the world from destruction. Graha problems can't touch him, he will safe from all dangers.

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Shiva Chalisa in English and Hindi Lyrics PDF Download Free

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It will results in healthy life, the diseases free life. वाम अंग सोहत छवि न्यारी. करत कृपा सबके घट वासी. No one is as generous as You are. Tripurasur Sana Yudha Machayi Sabhi Kripakar Lina Bachayi Kiya Tapahin Bhagiratha Bhari Purva Pratigya Tasu Purari O Lord, Purari, You saved all Deities and mankind by defeating and destroying the demons Tripurasura. Lord Shiva please by a devotion which is without any expectations. As another verses says, Nitya nem kari prata hi, path karo chalish, Tum meri manokamana, purn karaho jagdish which Means, One who read this prayer everyday in morning, say to Lord Shiva that you are only my wish, request them to fulfill, will get fulfillment of wishes and real peace.

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Shiv Chalisa । शिव चालीसा । Download PDF in Hindi

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Pujan Ramchandra Jab Kinha Jiti Ke Lanka Vibhishan Dinhi Sahas Kamal Men Ho Rahe Dhari Kinha Pariksha Tabahin Purari When Lord Rama worshipped You, He became victorious over the king of demons, Ravana. Do you want to learn Shiva Chalisa online? विवश हो, सुधि तेरी लेनी ही होगी । तेरी हर इच्छा बाबा को पूरी ही करनी होगी ॥ जंगल, जगंल भटक न पागल, और ढूंढ़ने बाबा को । एक जगह केवल शिरडी में, तू पाएगा बाबा को ॥ धन्य जगत में प्राणी है वह, जिसने बाबा को पाया । दुःख में, सुख में प्रहर आठ हो, साई का ही गुण गाया ॥ गिरे संकटों के पर्वत, चाहे बिजली ही टूट पड़े । साई का ले नाम सदा तुम, सन्मुख सब के रहो अड़े ॥ इस बूढ़े की सुन करामत, तुम हो जाओगे हैरान । दंग रह गए सुनकर जिसको, जाने कितने चतुर सुजान ॥ एक बार शिरडी में साधु, ढ़ोंगी था कोई आया । भोली-भाली नगर-निवासी, जनता को था भरमाया ॥ जड़ी-बूटियां उन्हें दिखाकर, करने लगा वह भाषण । कहने लगा सुनो श्रोतागण, घर मेरा है वृन्दावन ॥70॥ औषधि मेरे पास एक है, और अजब इसमें शक्ति । इसके सेवन करने से ही, हो जाती दुःख से मुक्ति ॥ अगर मुक्त होना चाहो, तुम संकट से बीमारी से । तो है मेरा नम्र निवेदन, हर नर से, हर नारी से ॥ लो खरीद तुम इसको, इसकी सेवन विधियां हैं न्यारी । यद्यपि तुच्छ वस्तु है यह, गुण उसके हैं अति भारी ॥ जो है संतति हीन यहां यदि, मेरी औषधि को खाए । पुत्र-रत्न हो प्राप्त, अरे वह मुंह मांगा फल पाए ॥ औषधि मेरी जो न खरीदे, जीवन भर पछताएगा । मुझ जैसा प्राणी शायद ही, अरे यहां आ पाएगा ॥ दुनिया दो दिनों का मेला है, मौज शौक तुम भी कर लो । अगर इससे मिलता है, सब कुछ, तुम भी इसको ले लो ॥ हैरानी बढ़ती जनता की, लख इसकी कारस्तानी । प्रमुदित वह भी मन- ही-मन था, लख लोगों की नादानी ॥ खबर सुनाने बाबा को यह, गया दौड़कर सेवक एक । सुनकर भृकुटी तनी और, विस्मरण हो गया सभी विवेक ॥ हुक्म दिया सेवक को, सत्वर पकड़ दुष्ट को लाओ । या शिरडी की सीमा से, कपटी को दूर भगाओ ॥ मेरे रहते भोली-भाली, शिरडी की जनता को । कौन नीच ऐसा जो, साहस करता है छलने को ॥80॥ पलभर में ऐसे ढोंगी, कपटी नीच लुटेरे को । महानाश के महागर्त में पहुँचा, दूँ जीवन भर को ॥ तनिक मिला आभास मदारी, क्रूर, कुटिल अन्यायी को । काल नाचता है अब सिर पर, गुस्सा आया साई को ॥ पलभर में सब खेल बंद कर, भागा सिर पर रखकर पैर । सोच रहा था मन ही मन, भगवान नहीं है अब खैर ॥ सच है साई जैसा दानी, मिल न सकेगा जग में । अंश ईश का साई बाबा, उन्हें न कुछ भी मुश्किल जग में ॥ स्नेह, शील, सौजन्य आदि का, आभूषण धारण कर । बढ़ता इस दुनिया में जो भी, मानव सेवा के पथ पर ॥ वही जीत लेता है जगती के, जन जन का अन्तःस्थल । उसकी एक उदासी ही, जग को कर देती है विह्वल ॥ जब-जब जग में भार पाप का, बढ़-बढ़ ही जाता है । उसे मिटाने की ही खातिर, अवतारी ही आता है ॥ पाप और अन्याय सभी कुछ, इस जगती का हर के । दूर भगा देता दुनिया के, दानव को क्षण भर के ॥ स्नेह सुधा की धार बरसने, लगती है इस दुनिया में । गले परस्पर मिलने लगते, हैं जन-जन आपस में ॥ ऐसे अवतारी साई, मृत्युलोक में आकर । समता का यह पाठ पढ़ाया, सबको अपना आप मिटाकर ॥90॥ नाम द्वारका मस्जिद का, रखा शिरडी में साई ने । दाप, ताप, संताप मिटाया, जो कुछ आया साई ने ॥ सदा याद में मस्त राम की, बैठे रहते थे साई । पहर आठ ही राम नाम को, भजते रहते थे साई ॥ सूखी-रूखी ताजी बासी, चाहे या होवे पकवान । सौदा प्यार के भूखे साई की, खातिर थे सभी समान ॥ स्नेह और श्रद्धा से अपनी, जन जो कुछ दे जाते थे । बड़े चाव से उस भोजन को, बाबा पावन करते थे ॥ कभी-कभी मन बहलाने को, बाबा बाग में जाते थे । प्रमुदित मन में निरख प्रकृति, छटा को वे होते थे ॥ रंग-बिरंगे पुष्प बाग के, मंद-मंद हिल-डुल करके । बीहड़ वीराने मन में भी स्नेह सलिल भर जाते थे ॥ ऐसी समुधुर बेला में भी, दुख आपात, विपदा के मारे । अपने मन की व्यथा सुनाने, जन रहते बाबा को घेरे ॥ सुनकर जिनकी करूणकथा को, नयन कमल भर आते थे । दे विभूति हर व्यथा, शांति, उनके उर में भर देते थे ॥ जाने क्या अद्भुत शिक्त, उस विभूति में होती थी । जो धारण करते मस्तक पर, दुःख सारा हर लेती थी ॥ धन्य मनुज वे साक्षात् दर्शन, जो बाबा साई के पाए । धन्य कमल कर उनके जिनसे, चरण-कमल वे परसाए ॥100॥ काश निर्भय तुमको भी, साक्षात् साई मिल जाता । वर्षों से उजड़ा चमन अपना, फिर से आज खिल जाता ॥ गर पकड़ता मैं चरण श्री के, नहीं छोड़ता उम्रभर । मना लेता मैं जरूर उनको, गर रूठते साई मुझ पर ॥ According to Hindu Mythology chanting of Sai Chalisa regularly is the most powerful way to please God Sai and get his blessing. You blessed Your devotee Bhagirath and he was able to accomplish his vow after rigorous penance. कर त्रिशूल सोहत छवि भारी, करत सदा शत्रुन क्षयकारी. Soul not take a birth again because he is with Lord Shiva in Shiva Loka.

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Shiv Chalisa । शिव चालीसा । Download PDF in Hindi

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God is always with true devotee, his care is taken by infinite Lord Mahakal. Lord, due to my limited knowledge, I omitted to worship Thee. With this, you will be able to speak every word written in Chalisa. One even feel that God save him from accidents and dangers. मैंना मातु कि हवे दुलारी. They fulfill wishes without even asking.

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Sai Chalisa

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First, two verses of Shiv Chalisa explain it's power. क्षमहु नाथ अब चूक हमारी शंकर हो संकट के नाशन. नमो नमो जय नमः शिवाये. One can stop worrying about his future, his next birth because Shiv Chalisa solve any kind of problem. Sing it as it let not mind to distract. Jai Girija Pati Dinadayala Sada Karat Santan Pratipala Bhala Chandrama Sohat Nike Kanan Kundal Nagaphani Ke O Glorious Lord, consort of Parvati You are most merciful.

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Shiv Chalisa । शिव चालीसा । Download PDF in Hindi

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Destroy my enemies with Your Trishul. By reading it, Devotion will increase, which leads to better chanting, this cycle continue, at one moment, Lord Shiva may pleased on you, give many blessing. Keep photo of them in front of you. Please bless me so that I may be able to accomplish my material and spiritual desires. Nandi Ganesh Sohain Tahan Kaise Sagar Madhya Kamal Hain Jaise Kartik Shyam Aur Ganara-U Ya Chhavi Ko Kahi Jata Na Kauo Nandi and Shri Ganesh along with Lord Shiva appear as beautiful as two lotuses in the middle of an ocean.

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